Aamacha Vidarbha Aamacha Vidarbha Author आमचा विदर्भ न्यूजचे संस्थापक संपादक दीपक शर्मा हे २००८ पासून पत्रकारिता क्षेत्रात कार्यरत असून त्यांनी विविध दैनिके आणि वृत्त माध्यमांमध्ये काम करताना सामाजिक, शैक्षणिक, कामगार, ग्रामीण आणि जनसामान्यांच्या प्रश्नांवर सातत्याने लेखणी चालविली आहे. वर्ष २०१५ पासून त्यांनी डिजिटल पत्रकारितेच्या माध्यमातून वेगवान, तटस्थ आणि जनहिताच्या बातम्या जनतेपर्यंत पोहोचविण्याचे कार्य सुरू ठेवले आहे. सामाजिक माध्यमे आणि ऑनलाइन न्यूज प्लॅटफॉर्मच्या माध्यमातून त्यांनी अनेक स्थानिक प्रश्न प्रशासनापर्यंत पोहोचविले आहेत. त्यांच्या पत्रकारितेचा केंद्रबिंदू नेहमीच सर्वसामान्य नागरिक, शेतकरी, कामगार, विद्यार्थी आणि ग्रामीण भागातील समस्या राहिल्या आहेत. शिक्षण, आरोग्य, पर्यावरण, सामाजिक न्याय आणि प्रशासनातील त्रुटींवर त्यांनी सातत्याने वृत्तांकन केले आहे. पत्रकारिता ही केवळ बातमी देण्याचे माध्यम नसून समाजातील सत्य परिस्थिती लोकांसमोर आणण्याची जबाबदारी आहे, या भूमिकेतून त्यांचे कार्य अविरत सुरू आहे. निष्पक्ष, जनजागृतीपर आणि समाजाभिमुख पत्रकारितेमुळे त्यांची ओळख निर्माण झाली आहे.
Title: क्या आप भी खा रहे है राशन दुकान से मिल रहे चावल
Author: Aamacha Vidarbha
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राशन की दुकान से मिल रहे चावल में अजीब तरह के चावल की मिलावट सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दिया जा रहा चावल संदेह के घेरे में राजुरा तहसील ...

राशन की दुकान से मिल रहे चावल में अजीब तरह के चावल की मिलावट
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दिया जा रहा चावल संदेह के घेरे में
राजुरा तहसील के तुलाना ग्रामवासियों ने किया मामला उजागर
देखें व्हिडिओ ग्रामीणों ने क्या कहा..... 
आमचा विदर्भ -
राजुरा (दि. 27 सितंबर 2023) -
        सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान से दिए जा रहे चावल में अजीब तरह के मिलावटी चावल नजर आने से लोगों में हड़कंप मचा हुवा है। राजुरा तहसील के राशन दुकानों से मिल रहे चावल में कुछ प्रमाण में अजीब तरह का मोटा चावल दिखाई दे रहा है। तहसील मुख्यालय से करीबन 6 किमी दुरी पर स्थित ग्राम तुलाना की महिलाओं ने बतलाया की गणेशोत्सव के दौरान महाप्रसाद बनाने के दौरान चावल पकाने के पूर्व चावल बिन साफ करने लगीं तो उसी चावल में भिन्न चावल दिखाई दे रहे थे जो सफेद और मोटे लग रहे थे। महिलाओं को शक हुवा तो कुछ महिलाओं ने उसे दांत चावल के दाने को कुचलकर देखा तो वह पिसने के बजाए फट रहा था लेकिन चावल दांतों तले पिस नही रहा था। फिर उसे सिल पर पिसाई किया तो भी पिसा नही, एक किलो चावल में काफी मात्रा में अजीब तरह का मिलावटी चावल नजर आया। हालांकि इसके पूर्व भी कई लोगों ने सरकारी राशन दुकान से मिले चावल पर सवाल उठाए लेकिन बारीकी से ऐसे चावल को अलग कर पहचान करने की कोशिश नहीं की गई। इससे ये संभावना प्रबल हो रही है कि इस तरह के चावल अन्य सरकारी राशन की दुकान के माध्यम से भारी मात्रा में हजारों लोगों के घरों तक पहुंच गया है। (Strange type of rice adulterated in rice available from ration shop) (Rice being given under public distribution system is under suspicion)

        इस बारे में राजुरा तहसील कार्यालय में स्थित खाद्य निरीक्षक से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया मात्र फोन रिसीव नहीं किया गया। मात्र कुछ लोग इसे फोर्टिफाइड चावल बतिया रहे है जो चावल पौष्टिकता  से भरा हुआ रहता है। भिन्न मिले चावल अलग जरूर दिखते हैं लेकिन प्लास्टिक के नहीं होते हैं। फिलहाल इस तरह के भिन्न चावल मिलने से ग्रामीणों में दहशत है। लेकिन यहां शंका यह भी व्यक्त की जा रही है की क्या अब किसानों द्वारा उपज किये जा रहे चावल में पौष्टिकता कम हो चुकी है, जो इस तरह के चावल मिलावट करने पड रहे है। अगर यह वास्तव में पौष्टिकता से भरे चावल है तो सरकार और सार्वजनिक वितरण प्रणाली विभाग इस बारे में जनजागृति क्यों नहीं कर रही है। बहरहाल मामला जो भी हो इस बारे में ऐसे भिन्न चावल की जांच करवाने की मांग लोगों द्वारा की जा रही है। (Rajura Tehsil Office) (Rajura) (aamcha vidarbha)

इसी लाइन को क्लिक करके देखे DMT news का व्हिडिओ और जाने ग्रामीणों तथा महिलाओं ने क्या कहा



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