Aamacha Vidarbha Aamacha Vidarbha Author आमचा विदर्भ न्यूजचे संस्थापक संपादक दीपक शर्मा हे २००८ पासून पत्रकारिता क्षेत्रात कार्यरत असून त्यांनी विविध दैनिके आणि वृत्त माध्यमांमध्ये काम करताना सामाजिक, शैक्षणिक, कामगार, ग्रामीण आणि जनसामान्यांच्या प्रश्नांवर सातत्याने लेखणी चालविली आहे. वर्ष २०१५ पासून त्यांनी डिजिटल पत्रकारितेच्या माध्यमातून वेगवान, तटस्थ आणि जनहिताच्या बातम्या जनतेपर्यंत पोहोचविण्याचे कार्य सुरू ठेवले आहे. सामाजिक माध्यमे आणि ऑनलाइन न्यूज प्लॅटफॉर्मच्या माध्यमातून त्यांनी अनेक स्थानिक प्रश्न प्रशासनापर्यंत पोहोचविले आहेत. त्यांच्या पत्रकारितेचा केंद्रबिंदू नेहमीच सर्वसामान्य नागरिक, शेतकरी, कामगार, विद्यार्थी आणि ग्रामीण भागातील समस्या राहिल्या आहेत. शिक्षण, आरोग्य, पर्यावरण, सामाजिक न्याय आणि प्रशासनातील त्रुटींवर त्यांनी सातत्याने वृत्तांकन केले आहे. पत्रकारिता ही केवळ बातमी देण्याचे माध्यम नसून समाजातील सत्य परिस्थिती लोकांसमोर आणण्याची जबाबदारी आहे, या भूमिकेतून त्यांचे कार्य अविरत सुरू आहे. निष्पक्ष, जनजागृतीपर आणि समाजाभिमुख पत्रकारितेमुळे त्यांची ओळख निर्माण झाली आहे.
Title: वडा तथा चिचोली रेतिघाट से हज़ारों ब्रास रेत चोरी
Author: Aamacha Vidarbha
Rating 5 of 5 Des:
वडा तथा चिचोली रेतिघाट से हज़ारों ब्रास रेत चोरी आखिर किसके आर्शीवाद से हो रही रेत तस्करी?  डी.एस. ख्वाजा - आमचा विदर्भ प्रतिनिधि चंद्रपुर - ...


  • वडा तथा चिचोली रेतिघाट से हज़ारों ब्रास रेत चोरी
  • आखिर किसके आर्शीवाद से हो रही रेत तस्करी? 
डी.एस. ख्वाजा - आमचा विदर्भ प्रतिनिधि
चंद्रपुर -
वड़ा रेतिघाट इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रहा है इसका मुख्य कारण यह है वडा रेतिघाट नीलाम नही हुआ है, जिसका भरपूर लाभ पांडरकवडा और वड़ा गाँव के रेती तस्कर उठा रहे है. राजस्व विभाग भले ही समय समय पर खानापूर्ति करते हुए छोटी मोटी कारवाई करता रहा हो परंतु अगले ही दिन स्थिति जो कि त्यों नज़र आती है. घुग्घुस शहर अंतर्गत आने वाले रेतिघाट चिचोली, तामसी, कोची पिपरी, मारडा आदि लगभग सभी रेतिघाटो पर लगभग यही स्थिति है इन सभी घाटों के अंर्तगत आने वाले गांव के रेत माफिया करोड़ो रूपये की रेती हज़म कर चुके है और निर्भीकता से रेती की चोरी करते नज़र आ रहे है. मिडिया के प्रतिनिधियों ने जब उक्त रेटिघटो का निरीक्षण किया तो चौकाने वाले तथ्य रेटिघाट पर नज़र आये लगभग हजारों बांस रेती उक्त रेतीघाट से अब तक कथित माफियाओ द्वारा चुराई जा चुकी है और अब भी निरंतर इन कथित रेती माफियाओं द्वारा रात के काले अंधेरे में रेती की चोरी धड्ड्ले से बेरोकटोक बदस्तूर जारी है. गांव के नागरिकों से पूछताछ के दौरान गांववासियों ने बताया कि पांडरकवडा और वडा के 4 से 5 रेती तस्कर रात के समय ट्रैक्टरों के माध्यम से रेती की चोरी प्रतिदिन करते है. वही दूसरी ओर चिचोली रेतीघाट पर भी घुग्घुस और नाकोड़ा के रेत तस्कर रात के समय चिचोली रेतिघाट पर रेत चोरी करते नज़र आये जो कि मिडिया के प्रतिनिधियों के कैमरे में कैद है. क्या जिला प्रशासन इन रेतीमाफ़ियाओ पर नकेल कसेंगा? या फिर यह रेत चोरी ऐसे ही निरंतर बिना किसी रोकटोक के चलती रहेंगी? इन रेतमाफ़ियाओ को किसकी क्षय है? किसके आर्शीवाद से यह रेत तस्करी सफलता के साथ चल रही है? अगर यहां रेती तस्करी पर अंकुश नही लगता है तो शीघ्रहि और भी चौंकाने वाले तथ्यों के साथ जनता के समक्ष इन रेत तस्करोंका भंडाफोड़ किया जायेगा. 

About Author

Advertisement

टिप्पणी पोस्ट करा

Thanks for your response, We will reply you soon, You haven't followed Aamcha Vidarbha yet, you follow Aamcha Vidarbha now.

 
Top