Aamacha Vidarbha Aamacha Vidarbha Author आमचा विदर्भ न्यूजचे संस्थापक संपादक दीपक शर्मा हे २००८ पासून पत्रकारिता क्षेत्रात कार्यरत असून त्यांनी विविध दैनिके आणि वृत्त माध्यमांमध्ये काम करताना सामाजिक, शैक्षणिक, कामगार, ग्रामीण आणि जनसामान्यांच्या प्रश्नांवर सातत्याने लेखणी चालविली आहे. वर्ष २०१५ पासून त्यांनी डिजिटल पत्रकारितेच्या माध्यमातून वेगवान, तटस्थ आणि जनहिताच्या बातम्या जनतेपर्यंत पोहोचविण्याचे कार्य सुरू ठेवले आहे. सामाजिक माध्यमे आणि ऑनलाइन न्यूज प्लॅटफॉर्मच्या माध्यमातून त्यांनी अनेक स्थानिक प्रश्न प्रशासनापर्यंत पोहोचविले आहेत. त्यांच्या पत्रकारितेचा केंद्रबिंदू नेहमीच सर्वसामान्य नागरिक, शेतकरी, कामगार, विद्यार्थी आणि ग्रामीण भागातील समस्या राहिल्या आहेत. शिक्षण, आरोग्य, पर्यावरण, सामाजिक न्याय आणि प्रशासनातील त्रुटींवर त्यांनी सातत्याने वृत्तांकन केले आहे. पत्रकारिता ही केवळ बातमी देण्याचे माध्यम नसून समाजातील सत्य परिस्थिती लोकांसमोर आणण्याची जबाबदारी आहे, या भूमिकेतून त्यांचे कार्य अविरत सुरू आहे. निष्पक्ष, जनजागृतीपर आणि समाजाभिमुख पत्रकारितेमुळे त्यांची ओळख निर्माण झाली आहे.
Title: राजुरा तालुका पत्रकार संघ के चुनाव विवादों के घेरे में
Author: Aamacha Vidarbha
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प्रत्याक्षी से ईश्वर चिठ्ठी उठवाने का मामला पकड़ रहा तूल आमचा विदर्भ - दीपक शर्मा राजुरा (दि. 22 अप्रैल 2024) -         राजुरा तालुका पत्रकार...

प्रत्याक्षी से ईश्वर चिठ्ठी उठवाने का मामला पकड़ रहा तूल
आमचा विदर्भ - दीपक शर्मा
राजुरा (दि. 22 अप्रैल 2024) -
        राजुरा तालुका पत्रकार संघ के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चिठ्ठी निकाली गई। लेकिन इस चुनाव में चुनाव निर्णय अधिकारी ने जानबूझकर अपने मित्र उम्मीदवार को विपरीत पक्ष के उम्मीदवार के खिलाफ ईश्वरचिट्ठी निकालने के लिये कहा जिसमें विजयी अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया पर विवाद होना शुरू हो गया है। चुनाव अधिकारी के इस निर्णय के विरोध में राजुरा तालुका पत्रकार संघ के कुछ सदस्यों ने इस पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा चुनाव कराये जाने की मांग की है।  (rajura taluka patrakar sangh) (anil balsaraf) (bhimayya bordewar)

        21 अप्रैल 2024 को राजुरा पत्रकार संघ के चुनाव संपन्न हुए। चुनाव में दो पैनलों ने अपनी पूरी ताकत झोक दी थी। एक पैनल की और से अनिल बालसराफ तो विरोध में भीमैया बोर्डेवार खड़े हुए थे। दोनों को 10-10 वोट मिले। लेकिन चुनाव अधिकारियों ने बलसराफ़ को मिले एक वोट को अमान्य कर दिया, जिसपर आक्षेप लेने पर वह वोट बालसराफ को दिया गया। दोनों को 10-10 वोट मिलने से ईश्वर चिट्ठी करने का फैसला किया गया। चुनाव अधिकारी ने विपक्षी उम्मीदवार की बात सुने बिना चिन्हित ईश्वर चिठ्ठी को दाहिनी ओर फेंककर अपने मित्र भीमैया बोर्डेवार को चुनने के लिए कहा। विपक्षी उम्मीदवार ने ईश्वर चिठ्ठी को किसी तीसरे व्यक्ति या बच्चे से उठवाने पर जोर दिया था, लेकिन चूंकि वह पहले ही चिठ्ठी उठवाने का फैसला निर्धारित हो चुका था, बहरहाल बालसराफ ने इस प्रक्रिया को अस्वीकार कर अवैधानिक एवं गैर कानूनी मानते हुए फिरसे चुनाव करने की मांग रखी है।

        कई संगठनों में, धर्मार्थ कार्यालयों में काम करने वाले वकीलों को चुनाव निर्णय अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और सही तरीके से हो।बहरहाल, राजुरा तालुका पत्रकार संघ चुनाव में चुनाव निर्णय अधिकारी ने अपने दोस्त को चुनने की कार्रवाई पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हो गया है। इस मामले पर शीघ्र ही वरिष्ठ अधिकारियों और धर्मदाय आयुक्त में अपील करने का फैसला अनिल बालसराफ के पैनल ने लिया है। (aamcha vidarbha) (vidarbha) (patrakar) (rajura)

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