- पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व जानकर हैरान रह जाएंगे
- आज से शुरू हुआ छठ पूजा का त्योहार
- जानें सूर्योदय, सूर्यास्त और पारण का समय
आमचा विदर्भ - ब्यूरो रिपोर्ट्स
लोक परंपरा के अनुसार सूर्यदेव और छठी मइया का संबंध भाई-बहन का है. ऐसी मान्यता है कि लोक मातृका षष्ठी की पहली पूजा सूर्य ने ही की थी.
छठ पर्व के पीछे पौराणिक महत्व के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व भी छिपा हुआ है, जो कई लोग नहीं जानते। जी हां, छठ पर्व की परंपरा में बहुत ही गहरा विज्ञान छिपा हुआ है.
दरअसल षष्ठी तिथि (छठ) एक विशेष खगोलीय अवसर है. उस समय सूर्य की पराबैंगनी किरणें पृथ्वी की सतह पर सामान्य से अधिक मात्रा में एकत्र हो जाती हैं. उसके संभावित कुप्रभावों से मानव की यथासंभव रक्षा करने का सामर्थ्य इस परंपरा में है. छठ पर्व के पालन से सूर्य (तारा) प्रकाश (पराबैंगनी किरण) के हानिकारक प्रभाव से जीवों की रक्षा संभव है.
हिंदू धर्म में छठ पूजा के त्योहार का काफी महत्व होता है. हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को छठ पूजा का त्योहार मनाया जाता है. दिवाली के बाद छठ सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. इस साल छठ पूजा का त्योहार 8 नवंबर 2021 से शुरू हो रहा है. उत्तर भारत और खासतौर से बिहार, यूपी, झारखंड में इस त्योहार का बेहद खास महत्व होता है. छठ पूजा का त्योहार नहाय-खाय से शुरू होता है. फिर खरना होता है. उसके बाद छठ पूजा होती है. जिसमें सूर्य देव को शाम का अर्घ्य अर्पित किया जाता है. इसके बाद अगले दिन सूर्योदय के समय में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं और फिर पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है.
8 नवंबर 2021, सोमवार (नहाय खाय)- छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से होती है. यह छठ पूजा का पहला दिन होता है, इस दिन नहाय खाय होता है. इस वर्ष नहाय-खाय 8 नवंबर (सोमवार) को है. इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 38 मिनट पर और सूर्यास्त 5 बजकर 31 मिनट पर होगा.
- 9 नवंबर 2021, मंगलवार (खरना)- खरना छठ पूजा का दूसरा दिन होता है. यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है. इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 39 मिनट पर और सूर्यास्त 5 बजकर 30 मिनट पर होगा.
- 10 नवंबर 2021, बुधवार (डूबते सूर्य को अर्घ्य)- इस दिन ही छठ पूजा होती है. इस दिन शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इस दिन सूर्यादय 6 बजकर 40 मिनट पर और सूर्यास्त 5 बजकर 30 मिनट पर होगा.
- 11 नवंबर 2021, गुरुवार (उगते सूर्य को अर्घ्य)- छठ पूजा का अंतिम दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि होती है. इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है. उसके बाद पारण कर व्रत को पूरा किया जाता है. इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 41 मिनट पर और सूर्यास्त 5 बजकर 29 मिनट पर होगा.
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